कक्षा 10 विज्ञान Chapter Wise Notes हिंदी में — सभी 14 अध्याय
राजस्थान के होनहार विद्यार्थियों! क्या आप भी कक्षा 10 विज्ञान (Class 10 Science) की तैयारी को लेकर थोड़ा चिंतित हैं? यह वो क्लास है जहाँ से आपके भविष्य की नींव रखी जाती है, खासकर अगर आप साइंस स्ट्रीम में आगे बढ़ना चाहते हैं। TopperApp आपके लिए लाया है कक्षा 10 विज्ञान के सभी महत्वपूर्ण अध्यायों के विस्तृत नोट्स, जो आपकी पढ़ाई को आसान और प्रभावी बनाएंगे। इन नोट्स की मदद से आप न सिर्फ अच्छे मार्क्स स्कोर कर पाएंगे, बल्कि कॉन्सेप्ट्स को गहराई से समझ भी पाएंगे।
कक्षा 10 विज्ञान क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
कक्षा 10 विज्ञान सिर्फ एक सब्जेक्ट नहीं, बल्कि आपके साइंटिफिक थिंकिंग (scientific thinking) और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स (problem-solving skills) को डेवलप करने का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (RBSE) के लिए यह बोर्ड परीक्षा का साल होता है, जहाँ विज्ञान में अच्छे अंक लाना आपके ओवरऑल परसेंटेज (overall percentage) के लिए बहुत जरूरी है। इसके अलावा, यह क्लास 11 और 12 में साइंस (Physics, Chemistry, Biology) लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए एक मजबूत बेस (base) तैयार करती है। NEET, JEE जैसी कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स (competitive exams) की तैयारी का आधार भी यहीं से बनता है। इसलिए, हर कॉन्सेप्ट को क्लियर करना और नोट्स के साथ रिवीजन करना बेहद क्रूशियल (crucial) है।
NCERT सिलेबस और RBSE की प्रासंगिकता
राजस्थान बोर्ड (RBSE) कक्षा 10 के लिए NCERT सिलेबस (syllabus) को फॉलो करता है। इसका मतलब है कि पूरे देश में जो विज्ञान की किताब पढ़ाई जाती है, वही आपके लिए भी रेफरेंस बुक (reference book) है। NCERT की किताबें अपने कॉन्सेप्ट्स की क्लैरिटी (clarity) और वेल-स्ट्रक्चर्ड कंटेंट (well-structured content) के लिए जानी जाती हैं। हमारे ये कक्षा 10 विज्ञान नोट्स हिंदी में (Class 10 Science notes Hindi chapter wise) NCERT की पाठ्यपुस्तक पर आधारित हैं, और इन्हें विशेष रूप से राजस्थान के स्टूडेंट्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ये नोट्स आपको हर अध्याय के मुख्य बिंदुओं, डेफिनेशंस (definitions), फॉर्मूलों (formulas) और डायग्राम्स (diagrams) को समझने में मदद करेंगे, जिससे आप बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
कक्षा 10 विज्ञान नोट्स हिंदी में — सभी 14 अध्याय
यहाँ हम कक्षा 10 विज्ञान के सभी 14 अध्यायों के विस्तृत नोट्स प्रस्तुत कर रहे हैं। ये नोट्स आपको हर चैप्टर के कोर कॉन्सेप्ट्स (core concepts) को समझने में मदद करेंगे और रिवीजन के लिए एक बेहतरीन टूल (tool) साबित होंगे।
अध्याय 1: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण (Chemical Reactions and Equations)
यह अध्याय केमिस्ट्री (Chemistry) की नींव है। इसमें आप सीखते हैं कि कैसे पदार्थ आपस में क्रिया करके नए पदार्थ बनाते हैं। रासायनिक अभिक्रियाओं को समीकरणों (equations) के रूप में कैसे दर्शाया जाता है, यह समझना बहुत जरूरी है।
- **रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction):** वह प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक पदार्थ, नए पदार्थों में परिवर्तित होते हैं। इसमें पदार्थों के रासायनिक बंध (chemical bonds) टूटते और बनते हैं।
- **रासायनिक समीकरण (Chemical Equation):** रासायनिक अभिक्रिया को प्रतीकों (symbols) और सूत्रों (formulas) का उपयोग करके दर्शाने का तरीका।
- **संतुलित रासायनिक समीकरण (Balanced Chemical Equation):** वह समीकरण जिसमें अभिकारक (reactants) और उत्पाद (products) दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है। द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass) कहता है कि द्रव्यमान को न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।
- **अभिक्रियाओं के प्रकार (Types of Reactions):**
- **संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction):** दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं। (A + B → AB)
- **वियोजन अभिक्रिया (Decomposition Reaction):** एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक उत्पाद बनाता है। (AB → A + B)
- **विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction):** एक अधिक अभिक्रियाशील तत्व कम अभिक्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित करता है। (A + BC → AC + B)
- **द्वि-विस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction):** दो यौगिकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है। (AB + CD → AD + CB)
- **ऑक्सीकरण एवं अपचयन (Oxidation and Reduction):**
- **ऑक्सीकरण (Oxidation):** ऑक्सीजन का जुड़ना या हाइड्रोजन का निकलना।
- **अपचयन (Reduction):** हाइड्रोजन का जुड़ना या ऑक्सीजन का निकलना।
- **रेडॉक्स अभिक्रिया (Redox Reaction):** जिसमें ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों साथ-साथ होते हैं।
- **संक्षारण (Corrosion):** धातु का वायु, नमी या रसायन के संपर्क में आने से धीरे-धीरे नष्ट होना (जैसे लोहे पर जंग लगना)।
- **विकृतगंधिता (Rancidity):** वसायुक्त और तैलीय खाद्य पदार्थों का ऑक्सीकृत होकर स्वाद और गंध में परिवर्तन होना।
अध्याय 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण (Acids, Bases and Salts)
यह अध्याय हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले कई पदार्थों के रासायनिक गुणों को समझाता है। अम्ल, क्षारक और लवण तीनों ही बहुत महत्वपूर्ण रासायनिक यौगिक हैं।
- **अम्ल (Acids):**
- स्वाद में खट्टे होते हैं।
- नीले लिटमस को लाल करते हैं।
- जल में H⁺ आयन (ions) देते हैं।
- उदाहरण: HCl, H₂SO₄, HNO₃।
- **क्षारक (Bases):**
- स्वाद में कड़वे होते हैं।
- लाल लिटमस को नीला करते हैं।
- जल में OH⁻ आयन देते हैं।
- उदाहरण: NaOH, KOH, Ca(OH)₂।
- **लवण (Salts):**
- अम्ल और क्षारक की अभिक्रिया से बनते हैं (उदासीनीकरण अभिक्रिया)।
- उदाहरण: NaCl, Na₂SO₄।
- **सूचक (Indicators):** वे पदार्थ जो अम्ल और क्षारक की उपस्थिति में रंग बदलते हैं।
- **प्राकृतिक सूचक (Natural Indicators):** लिटमस, हल्दी।
- **संश्लेषित सूचक (Synthetic Indicators):** मेथिल ऑरेंज, फिनोल्फ्थेलिन।
- **pH स्केल (pH Scale):** किसी विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता (concentration) मापने का एक स्केल।
- pH < 7: अम्लीय (Acidic)
- pH = 7: उदासीन (Neutral)
- pH > 7: क्षारीय (Basic)
| पदार्थ | pH मान (लगभग) | प्रकृति |
|---|---|---|
| जठर रस (Gastric Juice) | 1.2 | प्रबल अम्लीय |
| नींबू का रस (Lemon Juice) | 2.2 | अम्लीय |
| शुद्ध जल (Pure Water) | 7.0 | उदासीन |
| रक्त (Blood) | 7.4 | हल्का क्षारीय |
| मिल्क ऑफ मैग्नीशिया (Milk of Magnesia) | 10.0 | क्षारीय |
| सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) | 14.0 | प्रबल क्षारीय |
- **उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction):** अम्ल और क्षारक आपस में अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं।
- अम्ल + क्षारक → लवण + जल
- **दैनिक जीवन में pH का महत्व:** पाचन तंत्र, मृदा pH, दांतों का क्षय।
- **कुछ महत्वपूर्ण लवण:**
- **सोडियम क्लोराइड (NaCl):** साधारण नमक।
- **सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH):** कास्टिक सोडा, क्लोरीन-क्षार प्रक्रिया से बनता है।
- **विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder, CaOCl₂):** जल को शुद्ध करने और विरंजन में उपयोग।
- **बेकिंग सोडा (Baking Soda, NaHCO₃):** खाने का सोडा, एंटासिड के रूप में उपयोग।
- **धोने का सोडा (Washing Soda, Na₂CO₃·10H₂O):** कपड़े धोने में उपयोग।
- **प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris, CaSO₄·½H₂O):** टूटी हड्डियों को जोड़ने, मूर्तियां बनाने में उपयोग।
अध्याय 3: धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals)
यह अध्याय तत्वों को उनके भौतिक और रासायनिक गुणों के आधार पर धातु और अधातु में वर्गीकृत करता है। यह समझना महत्वपूर्ण है कि ये तत्व कैसे व्यवहार करते हैं और हमारे जीवन में इनका क्या महत्व है।
- **धातुएँ (Metals):**
- **भौतिक गुण (Physical Properties):**
- चमकीली (Lustrous)
- आघातवर्धनीय (Malleable) – पीटकर चादर बनाई जा सकती है।
- तन्य (Ductile) – खींचकर तार बनाए जा सकते हैं।
- ऊष्मा और विद्युत की सुचालक (Good conductors of heat and electricity)।
- कठोर (Hard) (अपवाद: सोडियम, पोटेशियम, लिथियम)।
- उच्च गलनांक और क्वथनांक (High melting and boiling points)।
- **रासायनिक गुण (Chemical Properties):**
- इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन (cations) बनाते हैं।
- ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर क्षारीय ऑक्साइड बनाते हैं।
- अम्लों से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस मुक्त करते हैं।
- जल से अभिक्रिया कर धातु ऑक्साइड/हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाते हैं।
- **अधातुएँ (Non-metals):**
- **भौतिक गुण:**
- चमकीली नहीं होतीं (अपवाद: आयोडीन)।
- आघातवर्धनीय और तन्य नहीं होतीं (भंगुर)।
- ऊष्मा और विद्युत की कुचालक (Poor conductors) (अपवाद: ग्रेफाइट)।
- कम गलनांक और क्वथनांक।
- गैस, द्रव या ठोस अवस्था में पाई जाती हैं।
- **रासायनिक गुण:**
- इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर ऋणायन (anions) बनाते हैं।
- ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर अम्लीय या उदासीन ऑक्साइड बनाते हैं।
- अम्लों से अभिक्रिया नहीं करतीं।
- **अयस्क (Ores):** वे खनिज जिनसे धातुओं को आसानी और लाभप्रद तरीके से निकाला जा सकता है।
- **गैंग (Gangue):** अयस्क में उपस्थित अशुद्धियाँ।
- **सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series):** धातुओं को उनकी अभिक्रियाशीलता के घटते क्रम में व्यवस्थित करना।
- K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au
- **धातुओं का निष्कर्षण (Extraction of Metals):** अयस्क से शुद्ध धातु प्राप्त करने की प्रक्रिया।
- **भर्जन (Roasting):** सल्फाइड अयस्कों को वायु की उपस्थिति में गर्म करना।
- **निस्तापन (Calcination):** कार्बोनेट अयस्कों को वायु की अनुपस्थिति में गर्म करना।
- **अपचयन (Reduction):** धातु ऑक्साइड से धातु प्राप्त करना।
- **विद्युत अपघटनी परिष्करण (Electrolytic Refining):** अशुद्ध धातु को शुद्ध करने की प्रक्रिया।
- **संक्षारण (Corrosion):** धातुओं का वायु, नमी और रसायनों के संपर्क में आने से धीरे-धीरे नष्ट होना।
- **जंग लगना (Rusting):** लोहे का संक्षारण।
- **संक्षारण से बचाव:** पेंटिंग, तेल लगाना, ग्रीस लगाना, गैल्वनीकरण (galvanization), क्रोमियम लेपन, एनोडीकरण, मिश्र धातु बनाना।
- **मिश्र धातु (Alloy):** दो या अधिक धातुओं या एक धातु और एक अधातु का समांगी मिश्रण।
अध्याय 4: कार्बन एवं उसके यौगिक (Carbon and its Compounds)
कार्बन एक ऐसा तत्व है जो हमारे जीवन का आधार है। यह अध्याय कार्बन के अद्वितीय गुणों और उसके द्वारा बनाए गए असंख्य यौगिकों (compounds) पर केंद्रित है।
- **कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति (Versatile Nature of Carbon):**
- **श्रृंखलन (Catenation):** कार्बन परमाणुओं का आपस में जुड़कर लंबी श्रृंखलाएँ, शाखित श्रृंखलाएँ या वलय (rings) बनाने का अद्वितीय गुण।
- **चतुःसंयोजकता (Tetravalency):** कार्बन की संयोजकता (valency) 4 होती है, जिससे यह चार अन्य परमाणुओं से जुड़ सकता है।
- **सहसंयोजक आबंध (Covalent Bonds):** परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से बनने वाले आबंध। कार्बन मुख्य रूप से सहसंयोजक आबंध बनाता है।
- **कार्बन के अपररूप (Allotropes of Carbon):**
- **हीरा (Diamond):** कठोरतम प्राकृतिक पदार्थ, विद्युत का कुचालक।
- **ग्रेफाइट (Graphite):** मुलायम, विद्युत का सुचालक।
- **फुलेरीन (Fullerene):** C₆₀ जैसे अणु।
- **हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbons):** वे यौगिक जो केवल कार्बन और हाइड्रोजन से बने होते हैं।
- **संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Saturated Hydrocarbons):** एल्केन (Alkanes) - कार्बन-कार्बन एकल आबंध (single bond) होते हैं। (CnH₂n+₂)
- **असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Unsaturated Hydrocarbons):**
- एल्कीन (Alkenes) - कार्बन-कार्बन द्वि-आबंध (double bond) होते हैं। (CnH₂n)
- एल्काइन (Alkynes) - कार्बन-कार्बन त्रि-आबंध (triple bond) होते हैं। (CnH₂n-₂)
- **प्रकार्यात्मक समूह (Functional Groups):** परमाणु या परमाणुओं का समूह जो कार्बनिक यौगिकों के रासायनिक गुणों को निर्धारित करता है।
- हैलोजन (-Cl, -Br)
- अल्कोहल (-OH)
- एल्डिहाइड (-CHO)
- कीटोन (C=O)
- कार्बोक्सिलिक अम्ल (-COOH)
- **समजातीय श्रेणी (Homologous Series):** कार्बनिक यौगिकों की ऐसी श्रेणी जिसमें एक ही प्रकार्यात्मक समूह होता है और लगातार सदस्यों के बीच -CH₂ का अंतर होता है।
- **कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुणधर्म (Chemical Properties of Carbon Compounds):**
- **दहन (Combustion):** कार्बन यौगिक ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलकर CO₂ और जल देते हैं।
- **ऑक्सीकरण (Oxidation):** ऑक्सीकारक (oxidizing agents) जैसे क्षारीय KMnO₄ या अम्लीय K₂Cr₂O₇ अल्कोहल को कार्बोक्सिलिक अम्ल में ऑक्सीकृत करते हैं।
- **संकलन अभिक्रिया (Addition Reaction):** असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में हाइड्रोजन या हैलोजन का जुड़ना।
- **प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Substitution Reaction):** संतृप्त हाइड्रोकार्बन में एक परमाणु या समूह का दूसरे द्वारा प्रतिस्थापन।
- **एथेनॉल (Ethanol) और एथेनोइक अम्ल (Ethanoic Acid):** इनके गुणधर्म और उपयोग।
- **साबुन और अपमार्जक (Soaps and Detergents):**
- **साबुन (Soaps):** लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम या पोटेशियम लवण।
- **अपमार्जक (Detergents):** लंबी श्रृंखला वाले सल्फोनिक अम्लों के सोडियम लवण या अमोनियम लवण।
- **मिसेल निर्माण (Micelle Formation):** साबुन के अणु जल में मिसेल बनाते हैं, जो तैलीय गंदगी को घेरकर साफ करते हैं।
अध्याय 5: जैव प्रक्रम (Life Processes)
यह बायोलॉजी (Biology) का एक महत्वपूर्ण अध्याय है जो सजीवों में होने वाली मूलभूत प्रक्रियाओं का वर्णन करता है जो उनके जीवन को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।
- **जैव प्रक्रम (Life Processes):** वे सभी प्रक्रम जो सम्मिलित रूप से अनुरक्षण (maintenance) का कार्य करते हैं।
- पोषण (Nutrition)
- श्वसन (Respiration)
- परिवहन (Transportation)
- उत्सर्जन (Excretion)
- **पोषण (Nutrition):** ऊर्जा प्राप्त करने और शरीर के निर्माण के लिए भोजन ग्रहण करना।
- **स्वपोषी पोषण (Autotrophic Nutrition):** हरे पौधे और कुछ बैक्टीरिया अपना भोजन स्वयं बनाते हैं (प्रकाश संश्लेषण)।
- **विषमपोषी पोषण (Heterotrophic Nutrition):** जीव दूसरों पर निर्भर रहते हैं (शाकाहारी, मांसाहारी, सर्वाहारी, परजीवी)।
- **मानव पाचन तंत्र (Human Digestive System):** मुख, ग्रासनली, आमाशय, छोटी आंत, बड़ी आंत, यकृत, अग्न्याशय।
- **श्वसन (Respiration):** भोजन से ऊर्जा मुक्त करने की प्रक्रिया।
- **वायवीय श्वसन (Aerobic Respiration):** ऑक्सीजन की उपस्थिति में (ग्लूकोज → CO₂ + H₂O + ऊर्जा)।
- **अवायवीय श्वसन (Anaerobic Respiration):** ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में (ग्लूकोज → लैक्टिक अम्ल + ऊर्जा या एथेनॉल + CO₂ + ऊर्जा)।
- **मानव श्वसन तंत्र (Human Respiratory System):** नासिका, ग्रसनी, कंठ, श्वास नली, फेफड़े, डायाफ्राम।
- **परिवहन (Transportation):** शरीर में पदार्थों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना।
- **मानव परिसंचरण तंत्र (Human Circulatory System):**
- **हृदय (Heart):** चार कक्षों वाला पंपिंग अंग।
- **रक्त (Blood):** प्लाज्मा, RBC, WBC, प्लेटलेट्स।
- **रक्त वाहिकाएँ (Blood Vessels):** धमनी, शिरा, केशिकाएँ।
- **लसिका (Lymph):** ऊतक द्रव।
- **पादपों में परिवहन (Transportation in Plants):**
- **जाइलम (Xylem):** जल और खनिज का परिवहन।
- **फ्लोएम (Phloem):** भोजन का परिवहन।
- **उत्सर्जन (Excretion):** उपापचयी क्रियाओं के फलस्वरूप बने हानिकारक अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालना।
- **मानव उत्सर्जन तंत्र (Human Excretory System):** वृक्क (किडनी), मूत्रवाहिनी, मूत्राशय, मूत्रमार्ग।
- **नेफ्रॉन (Nephron):** वृक्क की कार्यात्मक इकाई।
- **पादपों में उत्सर्जन (Excretion in Plants):** वाष्पोत्सर्जन, गोंद, रेजिन।
अध्याय 6: नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination)
यह अध्याय बताता है कि कैसे सजीवों में विभिन्न अंग और तंत्र एक साथ काम करते हैं ताकि शरीर सुचारु रूप से कार्य कर सके। इसमें तंत्रिका तंत्र (nervous system) और हार्मोन (hormones) की भूमिका को समझाया गया है।
- **जंतुओं में नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination in Animals):**
- **तंत्रिका तंत्र (Nervous System):**
- **न्यूरॉन (Neuron):** तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई।
- **प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action):** मस्तिष्क की भागीदारी के बिना होने वाली तीव्र, अनैच्छिक क्रिया।
- **मानव मस्तिष्क (Human Brain):** अग्र मस्तिष्क, मध्य मस्तिष्क, पश्च मस्तिष्क।
- **अग्र मस्तिष्क (Forebrain):** सेरिब्रम (सोचने, सुनने, देखने, बोलने का केंद्र)।
- **मध्य मस्तिष्क (Midbrain):** अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण।
- **पश्च मस्तिष्क (Hindbrain):** सेरिबेलम (शरीर का संतुलन), मेडुला (रक्तचाप, श्वसन)।
- **मेरुरज्जु (Spinal Cord):** प्रतिवर्ती क्रियाओं का केंद्र, मस्तिष्क तक संदेश पहुंचाना।
- **अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System):** हार्मोन स्रावित करने वाली ग्रंथियाँ।
- **हार्मोन (Hormones):** रासायनिक संदेशवाहक।
- **प्रमुख ग्रंथियाँ और उनके हार्मोन:**
- **पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland):** वृद्धि हार्मोन (Growth Hormone)।
- **थायरॉइड ग्रंथि (Thyroid Gland):** थायरोक्सिन (Thyroxine) – उपापचय का नियंत्रण।
- **अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland):** एड्रेनालिन (Adrenaline) – आपातकालीन हार्मोन।
- **अग्न्याशय (Pancreas):** इंसुलिन (Insulin) – रक्त शर्करा का नियंत्रण।
- **वृषण (Testes):** टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) – नर लैंगिक हार्मोन।
- **अंडाशय (Ovaries):** एस्ट्रोजन (Estrogen), प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) – मादा लैंगिक हार्मोन।
- **पादपों में समन्वय (Coordination in Plants):**
- **पादप हार्मोन (Plant Hormones/Phytohormones):**
- **ऑक्सिन (Auxin):** कोशिका वृद्धि।
- **जिब्बेरेलिन (Gibberellin):** तने की वृद्धि।
- **साइटोकाइनिन (Cytokinin):** कोशिका विभाजन।
- **एब्सिसिक अम्ल (Abscisic Acid):** वृद्धि संदमन, पत्तियों का मुरझाना।
- **अनुवर्तन गतियाँ (Tropic Movements):** उद्दीपन की दिशा में या उसके विपरीत गति।
- **प्रकाशानुवर्तन (Phototropism):** प्रकाश की ओर गति।
- **गुरुत्वानुवर्तन (Geotropism):** गुरुत्वाकर्षण की ओर गति।
- **रसायनानुवर्तन (Chemotropism):** रसायन की ओर गति।
- **जलानुवर्तन (Hydrotropism):** जल की ओर गति।
अध्याय 7: आनुवंशिकता एवं जैव विकास (Heredity and Evolution)
यह अध्याय बताता है कि कैसे लक्षण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाते हैं (आनुवंशिकता) और कैसे समय के साथ जीवों में परिवर्तन आते हैं (जैव विकास)।
- **आनुवंशिकता (Heredity):** लक्षणों का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में संचरण।
- **विभिन्नता (Variation):** एक ही प्रजाति के जीवों के बीच लक्षणों में अंतर।
- **मेंडल के आनुवंशिकता के नियम (Mendel's Laws of Inheritance):** ग्रेगर जॉन मेंडल को आनुवंशिकी का जनक माना जाता है।
- **प्रभाविता का नियम (Law of Dominance):** एक संकर में एक लक्षण का केवल एक एलील (allele) ही व्यक्त होता है (प्रभावी एलील)।
- **पृथक्करण का नियम (Law of Segregation):** युग्मक (gametes) बनते समय एलील अलग हो जाते हैं।
- **स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम (Law of Independent Assortment):** विभिन्न लक्षणों के एलील युग्मक निर्माण के दौरान स्वतंत्र रूप से पृथक होते हैं।
- **जीन (Gene):** आनुवंशिकता की मूलभूत इकाई, DNA का एक खंड जो एक विशेष प्रोटीन के लिए कोड करता है।
- **DNA (Deoxyribonucleic Acid):** आनुवंशिक जानकारी का वाहक।
- **लिंग निर्धारण (Sex Determination):** संतान का लिंग निर्धारित करने की प्रक्रिया (मानव में XX मादा, XY नर)।
- **जैव विकास (Evolution):** समय के साथ जीवों की आबादी में आनुवंशिक परिवर्तनों की प्रक्रिया।
- **उपार्जित लक्षण (Acquired Traits):** वे लक्षण जो जीव अपने जीवनकाल में प्राप्त करता है और जो अगली पीढ़ी में वंशागत नहीं होते (जैसे शरीर सौष्ठव)।
- **आनुवंशिक लक्षण (Inherited Traits):** वे लक्षण जो माता-पिता से संतान में वंशागत होते हैं (जैसे आँखों का रंग)।
- **प्राकृतिक वरण (Natural Selection):** डार्विन का सिद्धांत, जिसमें प्रकृति उन जीवों का चुनाव करती है जो अपने वातावरण के लिए सबसे उपयुक्त होते हैं।
- **समजात अंग (Homologous Organs):** संरचना में समान लेकिन कार्य में भिन्न (जैसे मानव का हाथ और पक्षी का पंख)।
- **समरूप अंग (Analogous Organs):** कार्य में समान लेकिन संरचना में भिन्न (जैसे पक्षी का पंख और कीट का पंख)।
- **जीवाश्म (Fossils):** प्राचीन जीवों के अवशेष या उनके निशान, जो जैव विकास के प्रमाण हैं।
- **विकास और वर्गीकरण (Evolution and Classification):** जीवों का वर्गीकरण उनके विकासीय संबंधों पर आधारित होता है।
अध्याय 8: प्रकाश – परावर्तन एवं अपवर्तन (Light – Reflection and Refraction)
यह अध्याय भौतिकी (Physics) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो प्रकाश के गुणों और उसके व्यवहार को समझाता है।
- **प्रकाश (Light):** ऊर्जा का वह रूप जो हमें वस्तुओं को देखने में सक्षम बनाता है।
- **प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light):** प्रकाश का किसी सतह से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौटना।
- **परावर्तन के नियम (Laws of Reflection):**
- आपतन कोण (angle of incidence) परावर्तन कोण (angle of reflection) के बराबर होता है।
- आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब (normal) तीनों एक ही तल में होते हैं।
- **समतल दर्पण (Plane Mirror):** हमेशा आभासी (virtual), सीधा (erect) और वस्तु के समान आकार का प्रतिबिंब बनाता है।
- **गोलीय दर्पण (Spherical Mirrors):**
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